12th Chemistry ठोस अवस्‍था के अति लघुत्तरीय प्रश्न परीक्षापयोगी प्रश्‍न

ठोस अवस्‍था के अतिलघु उत्तरीय प्रश्न परीक्षापयोगी प्रश्‍न

प्रश्न 1. क्रिस्टलीय ठोस क्या हैं?
उत्तर- वे ठोस जिनमें घटक कणों की दीर्घ परास व्यवस्था होती है, क्रिस्टलीय ठोस कहलाते हैं। उदाहरणार्थ– चाँदी, ताँबा, सोडियम क्लोराइड आदि।

प्रश्न 2. अक्रिस्टलीय ठोस को परिभाषित कीजिए।
उत्तर- एक ठोस अक्रिस्टलीय कहलाता है, जब इसके अवयवी कणों की लघु परास व्यवस्था होती है।

प्रश्न 3. आण्विक ठोस से आप क्या समझते हैं?
उत्तर- जिन ठोसों के क्रिस्टल जालक सरल विविक्त अणुओं से बने होते हैं, वे आण्विक ठोस कहलाते हैं। उदाहरणार्थ– आयोडीन, सल्फर, सफेद फास्फोरस आदि।

प्रश्न 4. आयनिक ठोस की परिभाषा दीजिए।
उत्तर- जिन ठोसों के क्रिस्टल जालक धनायनों और ऋणायनों से बने होते हैं, वे आयनिक ठोस कहलाते हैं। उदाहरणार्थ– सोडियम क्लोराइड, धातु ऑक्साइड, धातु सल्फाइड आदि।

प्रश्न 5. धात्विक ठोस को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर- जो ठोस धातुओं के गुण प्रकट करते हैं, धात्विक ठोस कहलाते हैं। उदाहरणार्थ– सोना, चाँदी, ताँबा आदि।

प्रश्न 6. सह-संयोजक ठोस से क्या अभिप्राय है?
उत्तर- जिन ठोसों के क्रिस्टल जालक परमाणुओं से बने होते हैं, वे सह-संयोजक ठोस कहलाते हैं। उदाहरणार्थ -हीरा, ग्रेफाइट, सिलिका आदि।

प्रश्न 7. सोडियम क्लोराइड का टुकड़ा सोडियम धातु से कठोर होता है। क्यों?
उत्तर- NaCl (सोडियम क्लोराइड) में Na+ तथा Cl– के मध्य आयनिक बन्ध होता है जिसके कारण ये अपेक्षाकृत कठोर होते हैं। सोडियम धातु में धात्विक बन्ध होता है जो आयनिक बन्ध की तुलना में कमजोर होता है, इसलिए सोडियम धातु NaCl की तुलना में नर्म होता है।

प्रश्न 8. रॉक साल्ट प्रकार की संरचना में प्रत्येक आयन की उपसहसंयोजन संख्या क्या होती है?
उत्तर- रॉक साल्ट प्रकार की संरचना में प्रत्येक आयन की उपसहसंयोजन संख्या 6 होती है।

प्रश्न 9. आयनिक क्रिस्टलों में 12 उप-सहसंयोजन संख्या क्यों नहीं पायी जाती है?
उत्तर- घनीय रिक्तिको के निर्माण के लिए त्रिज्या अनुपात परास 0.732 से 1.0 होता है। अतः उप-सहसंयोजन संख्या 8 से अधिक नहीं हो सकती है।

प्रश्न 10. क्या किसी दिये गये तत्त्व के षट्कोणीय निविड संकुलन तथा घनीय निविड संकुलन संरचना के घनत्व समान हो सकते हैं? समझाइए।
उत्तर- दोनों प्रकार की संरचना में घेरा गया कुल आयतन समान (74%) होता है एवं दोनों संरचनाओं में उप-सहसंयोजन संख्या 12 होती है। अतः दोनों संरचनाओं में घनत्व समान होंगे।

प्रश्न 11. एक क्रिस्टलीय ठोस में ऑक्साइड आयन घनीय निविड संकुलन संरचना में व्यवस्थित है। धनायन A समान रूप से अष्टफलकीय तथा चतुष्फलकीय रिक्तियों में वितरित है। यदि सभी अष्टफलकीय रिक्तियाँ भरी हों तब ठोस का सूत्र क्या है?
उत्तर- ऑक्साइड आयनों की घनीय निविड संकुलन संरचना में प्रति एकक कोष्ठिका 4 ऑक्साइड आयन होने चाहिए। प्रत्येक ऑक्साइड आयन 2 चतुष्फलकीय रिक्तियों तथा एक अष्टफलकीय रिक्तियों से सम्बन्धित होता है। अत: 4 अष्टफलकीय तथा 8 चतुष्फलकीय रिक्तियाँ होनी चाहिए। चूंकि सभी अष्टफलकीय रिक्तियाँ A द्वारा घेरी जाती हैं। अत: अष्टफलेकीय रिक्तियों में 4 धनायन A होंगे तथा समान संख्या में धनायन A चतुष्फलकीय रिक्तियों में होंगे। अत: 4 ऑक्साइड आयन तथा 8 धनायन A होंगे। अतः ठोस का सूत्र A 80,या A20 होगा।

प्रश्न 12. घनीय निविड संकुलन संरचना युक्त 1 मोल यौगिक में अष्टफलकीय रिक्तियाँ कितनी होंगी?
उत्तर- अष्टफलकीय रिक्तियों की संख्या = संकुलन में परमाणुओं की संख्या
= 1 मोल = 6.023 × 1023

प्रश्न 13. संकुलन दक्षता (क्षमता) को परिभाषित कीजिए।
उत्तर- क्रिस्टल में उपलब्ध कुल स्थान का परमाणुओं द्वारा घेरा हुआ अंश संकुलन दक्षता कहलाता है। यह प्रायः प्रतिशत में व्यक्त की जाती है।
यदि किसी क्रिस्टल संरचना की एकक कोष्ठिका में उपस्थित परमाणुओं द्वारा कोष्ठिका का घेरा हुआ, आयतन Voccu और एकक कोष्ठिका का कुल आयतन Vcell है, तो
संकुलन क्षमता = \frac { { V }_{ occu } }{ { V }_{ cell } } x 100

प्रश्न 14. किसी तत्त्व x की परमाणु त्रिज्या 3.6Å है। इसकी एकक कोष्ठिका में सन्निकट पड़ोसी कण की दूरी क्या होगी?
हल– d = 2r = 2 x 3.6 Å = 7.2 Å.

प्रश्न 15. फ्रेंकेल दोष AgCl क्रिस्टलों के घनत्व को परिवर्तित क्यों नहीं करता है?
उत्तर- चूँकि फ्रेंकेल दोषयुक्त क्रिस्टल में आयनों की संख्या समान रहती है इसलिए यह दोष क्रिस्टलों के घनत्व में कोई परिवर्तन नहीं करता है।

प्रश्न 16. क्रिस्टलों में कौन-सा बिन्दु दोष सम्बन्धित ठोस के घनत्व को परिवर्तित नहीं करता है?
उत्तर- फ्रेंकेल दोष।

प्रश्न 17. फ्रेंकेल दोष उपस्थित होने पर भी क्रिस्टल के घनत्व में कोई परिवर्तन नहीं होता है, क्यों?
उत्तर- फ्रेंकेल दोष में धनायन अपने जालक बिन्दुओं से हटकर अन्तराकाशी स्थानों में आ जाते हैं, इसलिए क्रिस्टल के घनत्व में कोई परिवर्तन नहीं होता है।

प्रश्न 18.- शॉटकी तथा फ्रेंकेल दोषों का क्रिस्टल की उदासीनता पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर- शॉटकी तथा फ्रेंकेल दोष उपस्थित होने पर क्रिस्टल उदासीन (neutral) बने रहते हैं।

प्रश्न 19. CaCl2, AgCI क्रिस्टल में मिलाने पर शॉटकी दोष उत्पन्न करता है। व्याख्या कीजिए।
उत्तर- विद्युत उदासीनता बनाए रखने के लिए 2Ag2+ आयन 1 Ca2+ द्वारा प्रतिस्थापित होंगे। अत: प्रत्येक Ca2+ आयन के प्रवेश पर जालक स्थल में एक छिद्र उत्पन्न होता है।

प्रश्न20. F- केन्द्र क्या है?
उत्तर- वह स्थान जहाँ ऋणायन रिक्तिका में इलेक्ट्रॉन उपस्थित होता है, F- केन्द्र कहलाता है।

प्रश्न 21. रिक्तिका को परिभाषित कीजिए।
उत्तर- धातु परमाणुओं अथवा आयनों को जब क्रिस्टल में संकुलित किया जाता है, तब इनके मध्य उपस्थित स्थान रिक्तिका कहलाता है।

प्रश्न 22. एक लवण का नाम लिखिए जिसे AgCl में मिलाकर धनायन रिक्तियाँ उत्पन्न की जा सकती हैं।
उत्तर- CdCl2 अथवा SrCl2

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