पक्षियों में लिंग निर्धारण किस प्रकार होता है

पक्षियों में लिंग निर्धारण किस प्रकार होता है

पक्षियों में लिंग निर्धारण
ZW – ZZ गुणसूत्रों द्वारा लिंग निर्धारण (Sex Determination by ZW-ZZ Chromosomes) – यह क्रियाविधि कुछ कीटों (तितली और मॉथ) और कुछ कशेरुकियों (मछलियों, सरीसृपों व पक्षियों) में पायी जाती है। नर में दो समरूपी लिंग गुणसूत्र (hormomorphic sex chromosomes) होते हैं। जिन्हें ZZ से निरूपित किया जाता है। इनसे समयुग्मक (homogametes) उत्पन्न होते हैं। इसके विपरीत मादा में दो विषमरूपी लिंग गुणसूत्र (heteromorphic sex chromosomes) पाये जाते हैं। जिन्हें ZW से प्रदर्शित किया जाता है। इनसे विषमयुग्मक (heterogametes) उत्पन्न होते हैं। इसलिए मादा दो प्रकार के अण्डाणु उत्पन्न करती है जिनमें Z या W गुणसूत्र होते हैं। नर में शुक्राणु समान प्रकार के होते हैं।

अतः इन जीवों में लिंग निर्धारण मादा के W गुणसूत्र द्वारा होता है। जब नर का शुक्राणु मादा के z युग्मक से संलयन करता है तो ZZ युग्मनज बनता है जिससे नर संतति उत्पन्न होती है। यदि शुक्राणु मादा के w युग्मक से संलयन करता है तो ZW युग्मनज (zygote) बनता है जो मादा का विकास करता है। इस प्रकार की संतति में 1:1 अनुपात उत्पन्न होने की सम्भावना होती है।

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